अध्याय सूची

भक्तियोग

भक्ति योग

सारांश

कृष्ण भक्ति के मार्ग को उन्हें प्राप्त करने का सबसे आसान और सर्वोच्च मार्ग बताते हैं।

श्लोक 2

मय्यावेश्य मनो ये मां नित्ययुक्ता उपासते । श्रद्धया परयोपेतास्ते मे युक्ततमा मताः ॥

mayy āveśya mano ye māṃ nitya-yuktā upāsate | śraddhayā parayopetās te me yuktatamā matāḥ ||

श्रीभगवान ने कहा: जो लोग अपने मन को मेरे साकार रूप में एकाग्र करते हैं और अत्यंत श्रद्धापूर्वक मेरी पूजा करने में सदैव लगे रहते हैं, वे मेरे द्वारा परम सिद्ध माने जाते हैं।